किएर स्टार्मर के मंत्रिमंडल में भारतीय और पीओके मूल की महिला सांसद

ब्रिटेन के आम चुनाव में लेबर पार्टी में धमाकेदार जीत हुई है। इस एकतरफा जीत में लेबर पार्टी को हाउस ऑफ कॉमंस की कुल 650 सीटों में से 412 सीटें मिली हैं। वहीं, कंजर्वेटिव पार्टी को मात्र 121 सीटें मिली।

चुनाव में पूर्व पीएम ऋषि सुनक की भी हार हुई। वहीं, अब लेबर पार्टी के नेता किएर स्टार्मर (Keir Starmer Cabinet) ब्रिटेन के नए पीएम बन गए हैं। किएर ने कैबिनेट का भी गठन कर लिया है, जिसमें दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।

दरअसल, किएर की कैबिनेट में एक भारतीय और एक पीओके मूल की सांसद को शामिल किया गया है। ये दोनों कौन है, आइए जानें…

लिसा नंदी और शबाना महमूद को मंत्री पद
चौंकाने वाली बात ये है कि 19 भारतीय मूल के सांसद होने के बावजूद केवल एक भारतीय मूल की सांसद लिसा नंदी ही नए ब्रिटिश प्रधानमंत्री के मंत्रिमंडल में जगह बना पाई हैं। किएर की कैबिनेट बोरिस जॉनसन के मंत्रिमंडल से बिल्कुल अलग है, जो ब्रिटिश इतिहास में सबसे विविध थी।

दूसरी ओर पीओके मूल की ब्रिटिश सांसद शबाना महमूद को किएर ने न्याय सचिव बनाया है। शबाना कश्मीर को लेकर भारत सरकार की कड़ी आलोचना करती रही हैं।

कौन है लिसा नंदी
मैनचेस्टर में जन्मी भारतीय मूल की 44 वर्षिय लिसा नंदी स्टारमर की कैबिनेट में संस्कृति, मीडिया और खेल मंत्री बनी हैं। इससे पहले वो शैडो कैबिनेट में शैडो विदेश मंत्री सहित कई भूमिकाएं निभा चुकी हैं। लिसा के पिता दीपक नंदी, कोलकाता में जन्मे शिक्षाविद हैं।

ब्रिटेन के निवासी दीपक नंदी ने लेबर पार्टी की 1976 में नस्ल संबंध विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद की थी। उनकी मां एन लुइस बायर्स हैं, जो खुद लेबर पार्टी की बड़ी नेता रह चुकी हैं।

भारत के खिलाफ बयान दे चुकी महमूद
पाकिस्तान मूल की ब्रिटिश सांसद शबाना महमूद को ब्रिटिश पीएम किएर ने न्याय सचिव बनाया है। शबाना महमूद विपक्ष में शैडो न्याय सचिव भी थीं। शबाना ने 2019 में पूर्व पीएम बॉरिस जॉनसन को लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उन्हें “भारतीय सरकार के कार्यों की कड़ी निंदा करने” और कथित रूप से “कश्मीर के खिलाफ अनुच्छेद 370 को अवैध और असंवैधानिक रूप से हटाने” का आह्वान किया था।

बर्मिंघम में पैदा हुई हैं शबाना
शबाना महमूद का जन्म बर्मिंघम में हुआ है और उनके माता-पिता पीओके के मीरपुर के बाब-ए-यम गांव में पैदा हुए थे। शबाना कई बार हाउस ऑफ कॉमन्स में कश्मीर का राग अलाप चुकी है।