Aramco पर ड्रोन अटैक से मचा हड़कंप, मुकेश अंबानी से क्या है कनेक्शन और किसके पास है मालिकाना हक?

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी Saudi Aramco की रिफाइनरी पर कथित ड्रोन हमले की खबर ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे ईरान समर्थित समूहों की भूमिका हो सकती है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। Aramco सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी है, जिसका पूरा नाम सऊदी अरेबियन ऑयल कंपनी है। यह कंपनी न केवल दुनिया में सबसे अधिक कच्चा तेल उत्पादन करती है, बल्कि इसका बाजार पूंजीकरण भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष कंपनियों में गिना जाता है। Aramco का मालिकाना हक सऊदी अरब की सरकार के पास है और इसका नियंत्रण सीधे तौर पर सऊदी शाही परिवार के प्रभाव में रहता है। कंपनी का मुख्यालय धहरान में स्थित है और यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।
Aramco का भारत से भी खास संबंध है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन Mukesh Ambani और Aramco के बीच निवेश को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। कुछ साल पहले Aramco ने Reliance Industries के ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस में हिस्सेदारी लेने की योजना बनाई थी, जिससे दोनों कंपनियों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत होती। हालांकि डील पूरी तरह साकार नहीं हो सकी, लेकिन दोनों कंपनियों के बीच ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल सेक्टर में सहयोग की संभावनाएं बनी हुई हैं। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है, उसके लिए Aramco एक अहम सप्लायर है। ऐसे में रिफाइनरी पर हमले की खबर का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजार और भारत जैसे देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।



