ग्लोबल जंग का बाजार पर वार! अमेरिका-ईरान टकराव से रिलायंस शेयर धड़ाम, अंबानी को भारी नुकसान

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। जैसे ही युद्ध की आशंका गहराई, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और वैश्विक बाजारों में बिकवाली शुरू हो गई। भारत में भी सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का सबसे बड़ा असर देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी पर पड़ा। उनकी कंपनी Reliance Industries के शेयरों में कुछ ही घंटों में भारी गिरावट आई, जिससे उनकी कुल संपत्ति में करीब 49 हजार करोड़ रुपये की कमी आ गई।
दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग और रिटेल जैसे कई सेक्टरों में फैला है। अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति में सबसे पहले असर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ता है। ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और अगर उस पर प्रतिबंध या हमले बढ़ते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हो जाता है। तेल की कीमतों में तेज उछाल से रिफाइनिंग कंपनियों के मार्जिन प्रभावित होते हैं, जिससे निवेशक घबराकर शेयर बेचने लगते हैं। यही वजह रही कि रिलायंस के शेयरों में अचानक भारी गिरावट आई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के समय विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा और बड़े दिग्गज शेयर दबाव में आ गए। चूंकि मुकेश अंबानी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा रिलायंस के शेयरों से जुड़ा है, इसलिए शेयर कीमत में आई गिरावट ने उनकी नेटवर्थ को सीधे प्रभावित किया। हालांकि बाजार विश्लेषकों का यह भी कहना है कि यह नुकसान कागजी है और हालात सामान्य होने पर शेयरों में फिर तेजी आ सकती है।
अमेरिका-ईरान तनाव ने यह एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक राजनीति और युद्ध की आशंका का असर सीधे आर्थिक दुनिया पर पड़ता है। आने वाले दिनों में यदि हालात सुधरते हैं तो बाजार संभल सकता है, लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है तो तेल कीमतों और शेयर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।



