Yamuna Expressway पर बसों की 60 km/h स्पीड लिमिट वैध, इलाहाबाद HC का अहम फैसला

यमुना एक्सप्रेसवे पर स्टेज कैरिज बसों की अधिकतम गति सीमा को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने बसों के लिए तय 60 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट को वैध करार दिया है। कोर्ट ने माना कि यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को कम करने के लिए ऐसी सीमाएं जरूरी हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने परिवहन नियमों और सड़क सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विचार किया। कोर्ट ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग प्रकार के वाहनों की गति सीमा तय करना यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक है।
स्टेज कैरिज बसें नियमित रूट पर यात्रियों को लेकर चलती हैं, इसलिए इनमें बड़ी संख्या में लोगों की सुरक्षा जुड़ी होती है। हाईकोर्ट ने माना कि बसों के लिए निर्धारित गति सीमा यात्रियों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाई गई है।
यमुना एक्सप्रेसवे देश के प्रमुख हाई-स्पीड मार्गों में शामिल है, जहां तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में गति नियंत्रण के नियम सड़क सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं।
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब स्टेज कैरिज बसों को यमुना एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की निर्धारित गति सीमा का पालन करना होगा। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां नियमों के पालन पर नजर रखेंगी।



