
श्रीलंका के कोलंबो स्थित बंदारानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी ड्रग तस्करी की कोशिश को नाकाम करते हुए तीन भारतीय नागरिकों को करोड़ों रुपये की गांजा (कैनबिस) के साथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क और इसके तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो महिला शिक्षक भी शामिल हैं, जिन पर पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का कोई रिकॉर्ड सामने नहीं आया था। अधिकारियों के अनुसार, यह गांजा बेहद उच्च गुणवत्ता का बताया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है।
एयरपोर्ट पर कस्टम और नारकोटिक्स अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद इन यात्रियों की गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान उनके सामान से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया, जिसे बड़ी ही चालाकी से छिपाकर ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह खेप किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह के लिए ले जाई जा रही थी, जिसका नेटवर्क कई देशों में फैला हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी जांच के हित में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम उजागर नहीं किए हैं।
श्रीलंकाई पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे इस तस्करी में कब से शामिल थे, गांजा कहां से लाया गया और इसे किस देश या शहर में पहुंचाया जाना था। दो महिला शिक्षकों की संलिप्तता ने इस मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि ड्रग माफिया अब पढ़े-लिखे और सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित लोगों को भी अपने जाल में फंसा रहा है।
इस घटना के बाद भारत और श्रीलंका के बीच सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ड्रग तस्करों के लिए आसान रास्ता बनते जा रहे हैं, जिसे रोकने के लिए तकनीकी निगरानी और खुफिया तंत्र को और सशक्त करना जरूरी है। फिलहाल तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आने वाले दिनों में जांच के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



