योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: पीएम मित्र पार्क में जलापूर्ति के लिए 458 करोड़ रुपये की मंजूरी

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कैबिनेट ने पीएम मित्र (PM MITRA – प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क में जलापूर्ति व्यवस्था के लिए 458 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय को राज्य में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार और निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पीएम मित्र पार्क केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश को वैश्विक टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करना है।
इस परियोजना के तहत औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पानी उपलब्ध कराना एक बड़ी आवश्यकता थी, क्योंकि टेक्सटाइल उद्योग में जल की खपत अपेक्षाकृत अधिक होती है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब जलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इसमें जलस्रोतों से पानी लाने, पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने, जल शोधन संयंत्रों की स्थापना और वितरण प्रणाली को मजबूत करने जैसे कार्य शामिल होंगे। इससे पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों को किसी तरह की जल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि मजबूत बुनियादी ढांचा ही निवेशकों का भरोसा जीतने की सबसे बड़ी कुंजी है। पीएम मित्र पार्क में बेहतर जलापूर्ति व्यवस्था से न केवल बड़े निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही, टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़े छोटे और मध्यम उद्यमों को भी इसका लाभ मिलेगा।
योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने के लिए औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएम मित्र पार्क जैसी परियोजनाएं इसी विजन का हिस्सा हैं। जलापूर्ति पर 458 करोड़ रुपये का यह निवेश राज्य की दीर्घकालिक औद्योगिक नीति को मजबूत करेगा और उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।



