
श्रीलंका के एक प्रमुख बौद्ध मठ में बड़ा हादसा हुआ, जहां केबल कार के अचानक दुर्घटनाग्रस्त होने से सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक भारतीय भिक्षु भी शामिल हैं, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मठ परिसर में श्रद्धालुओं और भिक्षुओं के लिए बनाए गए केबल कार मार्ग पर हुआ, जिसका इस्तेमाल अक्सर कठिन पहाड़ी रास्तों को पार करने के लिए किया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तकनीकी खराबी के कारण केबल कार का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई, जिससे यह भीषण दुर्घटना हुई।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वालों में श्रीलंका के स्थानीय नागरिकों के अलावा भारत से आए एक भिक्षु के शामिल होने की पुष्टि हुई है। इस खबर के बाद भारत और श्रीलंका दोनों देशों के धार्मिक समुदायों में शोक की लहर दौड़ गई है।
श्रीलंका सरकार ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में केबल कार की मरम्मत और रखरखाव में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। वहीं, भारतीय दूतावास ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृत भारतीय भिक्षु के परिवार को आवश्यक सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
यह हादसा धार्मिक पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करता है। श्रीलंका के प्रमुख मठों और तीर्थ स्थलों पर प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में बुनियादी ढांचे और यात्री सुरक्षा की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केबल कार लंबे समय से तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही थी और कई बार यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन संबंधित प्रबंधन ने समय रहते कदम नहीं उठाए। अब यह हादसा न केवल कई परिवारों को गहरे शोक में डाल गया है, बल्कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर भी गंभीर बहस छेड़ गया है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि धार्मिक आस्था और पर्यटन से जुड़े स्थलों पर तकनीकी सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। श्रीलंका सरकार ने घायलों के उपचार और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए यह एक असहनीय क्षति है, जो हमेशा याद रखी जाएगी।



