भारत मंडपम में छाया यूपी का डिजिटल लर्निंग मॉडल, योगी सरकार की पहल को राष्ट्रीय सराहना

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा और तकनीकी सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के ‘डिजिटल लर्निंग मॉडल’ ने खास पहचान बनाई। इस मंच से प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में हुए डिजिटल बदलावों की व्यापक सराहना की गई। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल को जिस तरह प्राथमिकता दी है, वह अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बनता जा रहा है। सम्मेलन में प्रस्तुत आंकड़ों और प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि कैसे स्मार्ट क्लास, टैबलेट वितरण, ई-कंटेंट और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली है।
डिजिटल लर्निंग मॉडल के तहत प्रदेश के हजारों परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट क्लासरूम से जोड़ा गया है। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए ई-पाठशालाएं, QR कोड आधारित किताबें और ऑनलाइन असेसमेंट सिस्टम लागू किए गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की शैक्षिक खाई कम करने में मदद मिली है। शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए भी ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिससे उनकी दक्षता और शिक्षण पद्धति में सुधार हुआ है।
सम्मेलन में मौजूद शिक्षा विशेषज्ञों ने माना कि यूपी का यह मॉडल केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करता है। स्कूलों की उपस्थिति, पढ़ाई की प्रगति और संसाधनों की निगरानी अब डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए की जा रही है। इससे प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय लेना आसान हुआ है।
नई दिल्ली से मिली इस पहचान ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डिजिटल लर्निंग मॉडल ने न केवल छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाया है, बल्कि प्रदेश की शैक्षिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है। योगी सरकार का यह प्रयास ‘डिजिटल इंडिया’ की परिकल्पना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त और समावेशी बन सकेगी।



