मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना अंतःफसली खेती और उत्तर प्रदेश बीज नीति 2025-26 पर की बैठक

दिनांक 02 फरवरी 2026 को मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अंतःफसली खेती के प्रोत्साहन तथा उत्तर प्रदेश बीज नीति 2025-26 के प्रस्तुतीकरण संबंधी महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री जी ने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में वृद्धि करने और सतत् खेती को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गन्ना की मुख्य फसल के साथ तिलहनी और दलहनी फसलें उगाने से न केवल भूमि की उपजाऊ क्षमता में सुधार होगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
बैठक में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने गन्ना अंतःफसली योजना के लाभ और इस योजना के क्रियान्वयन के तरीकों पर विस्तार से प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि तिलहनी एवं दलहनी फसलों का मिश्रण गन्ना की फसल के बीच में उगाने से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे गन्ने की उपज भी बेहतर होती है। इसके अलावा, इससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है और किसानों की लागत घटती है। मुख्यमंत्री जी ने इसे किसानों के लिए एक आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से लाभकारी कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश बीज नीति 2025-26 के विभिन्न पहलुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीज वितरण, बीज की गुणवत्ता और किसान तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक सुदृढ़ निगरानी तंत्र तैयार किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक सही समय पर लाभ पहुंचाना बेहद आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि को तकनीकी और नवाचार के साथ जोड़ना अब हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों को तिलहनी और दलहनी फसलों के महत्व को समझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को कृषि में आत्मनिर्भर और किसानों को सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए ताकि राज्य के हर किसान तक इसका लाभ पहुंचे।
इस बैठक में शामिल अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि गन्ना अंतःफसली योजना और बीज नीति 2025-26 के क्रियान्वयन से किसानों की आय में सुधार होगा, उत्पादन में वृद्धि होगी और प्रदेश की कृषि व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस बैठक को किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।



