उत्तर प्रदेश में निवेश को रफ्तार: CM योगी के आदेश, हर निवेशक के लिए फास्ट-ट्रैक सिस्टम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद को और अधिक सक्रिय, पारदर्शी व प्रभावी बनाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश निवेश के लिहाज से पहली पसंद बन सके। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जो भी निवेशक राज्य में निवेश करना चाहता है, उसे हर स्तर पर फास्ट-ट्रैक सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी भी तरह की अनावश्यक देरी न हो।
सीएम योगी ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। इन खूबियों को निवेशकों तक सही तरीके से पहुंचाने के लिए संवाद बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों पर त्वरित निर्णय लिया जाए और निवेशकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि सभी प्रकार की मंजूरियां तय समयसीमा में मिल सकें। इसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने, तकनीक का बेहतर उपयोग करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। सीएम योगी ने साफ कहा कि निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश को “रिस्पॉन्सिव और प्रो-इन्वेस्टर स्टेट” के रूप में पहचान मिलनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि निवेशकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। हर जिले और विभाग में जवाबदेही तय हो, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री के अनुसार, FDI बढ़ने से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिलेगा।
सीएम योगी ने भरोसा जताया कि यदि संवाद, भरोसा और तेजी—इन तीनों पर समान रूप से काम किया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है। सरकार की मंशा साफ है कि निवेशकों को सुविधाजनक वातावरण मिले और विकास की रफ्तार लगातार तेज बनी रहे।



