सीएम योगी ने ‘नमो मैराथन’ को दिखाई हरी झंडी | युवाओं से किया नशे से दूर रहने का आह्वान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ‘नमो मैराथन’ को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत व्यक्ति, परिवार और समाज – तीनों के लिए विनाश का कारण बनती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपने जीवन को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया के सामने नए आयाम स्थापित कर रहा है और यह तभी संभव है जब हमारे युवा पीढ़ी शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त होगी।
‘नमो मैराथन’ का आयोजन न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को फिटनेस और नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना भी है। सीएम योगी ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी क्षमताओं को खो देता है, उसकी सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है और वह समाज के लिए बोझ बन जाता है। इसीलिए जरूरी है कि हर युवा नशे जैसी बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहे और अपने भीतर अनुशासन, आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार करे।
कार्यक्रम में शामिल हजारों युवाओं ने जोश और उमंग के साथ दौड़ लगाई। यह मैराथन युवाओं को एकजुट करने और उनमें सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने का प्रतीक बनी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत का लक्ष्य “विकसित भारत 2047” है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। अगर युवा फिट और स्वस्थ रहेंगे तो वे शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान दे पाएंगे।
सीएम योगी ने इस अवसर पर खेलों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलकूद न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और टीम भावना को भी मजबूत करते हैं। यह युवाओं को अनुशासन और कड़ी मेहनत की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खेल के क्षेत्र में लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर देश का नाम रोशन कर सकें।
‘नमो मैराथन’ जैसे आयोजन युवाओं को यह संदेश देते हैं कि असली नशा अगर कोई है, तो वह है खेलों और राष्ट्र सेवा का। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार हर स्तर पर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशा छोड़कर अगर युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएंगे, तो निश्चित ही भारत आने वाले वर्षों में विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।



