UP-TET 2025: अभ्यर्थियों को राहत, CM योगी का बड़ा फैसला – परीक्षा शुल्क नहीं बढ़ेगा

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा दिया है। शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा शुल्क ₹600 से बढ़ाकर ₹1700 करने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इस पर मुख्यमंत्री ने रोक लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। योगी सरकार का यह निर्णय युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के हित में लिया गया ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
यूपी-टीईटी प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षकों की पात्रता तय की जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा शुल्क बढ़ने की स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय था। ₹600 से सीधा ₹1700 तक की वृद्धि कई अभ्यर्थियों के लिए तैयारी का रास्ता कठिन बना सकती थी। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने छात्रों की समस्या को समझते हुए विभाग को इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया और शुल्क वृद्धि को तुरंत रोक दिया।
मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल छात्रों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकार युवा शक्ति के भविष्य को लेकर कितनी गंभीर है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पहले से ही अभ्यर्थियों को कोचिंग, किताबें और अन्य संसाधनों पर खर्च करना पड़ता है। अगर शुल्क भी बढ़ जाता तो ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब परिवारों के छात्र परीक्षा देने से वंचित हो सकते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी-टीईटी जैसे बड़े और महत्वपूर्ण परीक्षा में शुल्क को वाजिब रखना बेहद आवश्यक है। इससे न केवल सभी वर्गों के छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित होती है, बल्कि शिक्षा के अवसर भी समान रूप से उपलब्ध होते हैं। योगी सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में समानता और अवसर प्रदान करने की दिशा में मजबूत पहल है।
अभ्यर्थियों ने भी मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर छात्र-छात्राएं लगातार अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिख रहे हैं कि योगी सरकार ने वास्तव में उनकी आवाज़ सुनी और उन्हें राहत दी। युवाओं का कहना है कि परीक्षा की तैयारी पहले से ही चुनौतीपूर्ण होती है, ऐसे में शुल्क वृद्धि रोकना उनके लिए बहुत बड़ी राहत है।
निष्कर्षतः, यूपी-टीईटी अभ्यर्थियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्णय शिक्षा के लोकतांत्रिक अधिकार को सुरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। इससे न केवल लाखों युवाओं का बोझ कम हुआ है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देती है। यूपी-टीईटी 2025 अब पहले की ही शुल्क व्यवस्था के तहत आयोजित होगी, जिससे हर वर्ग के छात्र आसानी से इसमें भाग ले सकेंगे।



