
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां करीब 59 साल बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार में वापसी की है। मुख्यमंत्री Joseph Vijay की कैबिनेट में कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में नए समीकरणों के तौर पर देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम आगामी चुनावों और गठबंधन राजनीति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। कांग्रेस की सरकार में भागीदारी से विपक्षी दलों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। लंबे समय बाद सत्ता में हिस्सेदारी मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
वहीं विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मजबूरी करार दिया है। हालांकि सत्तारूढ़ गठबंधन का कहना है कि यह फैसला राज्य के विकास और राजनीतिक स्थिरता को ध्यान में रखकर लिया गया है। आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।



