विधायक निधि के कार्यों में देरी नहीं होगी बर्दाश्त, केशव मौर्य ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधायक निधि से कराए जा रहे विकास कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायक निधि जनता की गाढ़ी कमाई से संचालित योजनाओं का हिस्सा है और इसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना है। यदि समय पर कार्य पूरे नहीं होंगे तो आम जनता को असुविधा होगी और सरकार की मंशा भी प्रभावित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं की स्वीकृति मिल चुकी है, उनमें टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्य और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ तेजी से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और जहां भी शिकायत मिले, वहां तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उपमुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान लंबित परियोजनाओं की सूची मांगी और कहा कि प्रत्येक जिले में नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, स्कूल मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे हों। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रशासन की जिम्मेदारी है और यदि कहीं भी ढिलाई पाई गई तो जवाबदेही तय की जाएगी। इस सख्त रुख को विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और आम लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा।



