
पीएम मोदी की डिग्री को लेकर हाल ही में उठाए गए विवाद पर दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सनसनी फैलाने का प्रयास है। विश्वविद्यालय ने अदालत को जवाब देते हुए कहा कि डिग्री संबंधी सभी रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और किसी भी तरह की गलत जानकारी फैलाना अनुचित है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने DU को आदेश दिया है कि वह तीन हफ्ते के भीतर मामले में स्पष्ट रिपोर्ट दाखिल करे। अदालत ने यह भी कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद राजनीतिक रूप भी ले सकता है, लेकिन DU के दो टूक बयान और अदालत के आदेश से स्पष्ट है कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही आगे कदम उठाए जाएंगे।
अभी तक DU ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। अदालत में दाखिल किए जाने वाले दस्तावेज और विश्वविद्यालय के बयान से मामले की दिशा साफ होगी।



