
दिल्ली से इंदौर जा रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही इंजन में आग लगने की सूचना मिली। यात्रियों और क्रू सदस्यों ने अचानक विमान से धुआं निकलते देखा और स्थिति गंभीर होती चली गई। पायलट ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और विमान को आपात स्थिति में लैंड कराने का फैसला लिया। नतीजा यह हुआ कि विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।
सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट में लगभग 180 यात्री सवार थे और अचानक इंजन में आई तकनीकी खराबी से सभी लोग घबराए हुए थे। यात्रियों ने बताया कि जब विमान में धुआं दिखाई दिया तो चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोग घबराकर प्रार्थना करने लगे। क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा। पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण बड़ा हादसा टल गया।
आपात लैंडिंग के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दमकल विभाग और रेस्क्यू टीम पहले से ही अलर्ट पर खड़ी थीं। जैसे ही विमान ने लैंड किया, तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई चोट नहीं आई। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
एअर इंडिया ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है और पायलट तथा क्रू ने समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारने में सफलता पाई। कंपनी ने तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंजन में खराबी किस वजह से आई। विमान को फिलहाल सर्विस से हटा दिया गया है और इंजीनियरों की टीम इसकी विस्तृत जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर विमान सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं बेहद डराने वाली होती हैं और एयरलाइंस को तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों पर और ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं, एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि विमानन क्षेत्र में इस तरह की तकनीकी खराबियां कभी-कभी सामने आती हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इन्हें समय रहते रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
दिल्ली से इंदौर जा रहे इस विमान की आपात लैंडिंग की घटना ने यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियों को भी चौकन्ना कर दिया है। सभी यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से गंतव्य तक भेजा गया। यह हादसा टलने से जहां एक ओर राहत मिली, वहीं दूसरी ओर विमान सुरक्षा को लेकर गहन चर्चा भी शुरू हो गई है।



