
देश के गृह मंत्री Amit Shah ने नारी शक्ति के योगदान को सराहते हुए कहा कि मानवता हमेशा से नारी शक्ति की ऋणी रही है। उन्होंने कहा कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है और उनके बिना किसी भी सभ्यता का विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में सदियों से महिलाओं को सम्मान का स्थान दिया गया है और उन्हें शक्ति, धैर्य और त्याग का प्रतीक माना जाता है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, राजनीति, खेल, सेना और प्रशासन जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाएं लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के इस बढ़ते योगदान से देश की प्रगति को नई गति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार कई योजनाएं और पहल चला रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में समान अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि जब महिलाएं शिक्षित और सशक्त होती हैं तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है। इसलिए महिला सशक्तिकरण देश के समग्र विकास की आधारशिला है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत की महान परंपरा में नारी को देवी का रूप माना गया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब समाज ने महिलाओं को सम्मान और अवसर दिए हैं, तब-तब देश ने तेजी से विकास किया है। आज भी देश की लाखों महिलाएं अपने साहस, परिश्रम और प्रतिभा से समाज को नई दिशा दे रही हैं।
अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि हमें नारी शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत करना होगा। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के सहयोग और नेतृत्व से ही भारत एक सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।



