
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को कड़े शब्दों में जवाब दिया। पाकिस्तान लगातार भारत पर झूठे आरोप लगाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने लिए सहानुभूति बटोरने की कोशिश करता रहा है। लेकिन इस बार भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान की नीतियों की पोल खोली, बल्कि उसे यह भी याद दिला दिया कि टूटे रनवे और जले हुए हैंगर अगर किसी के लिए जीत की निशानी हैं, तो वह केवल पाकिस्तान हो सकता है। भारत के इस तंज ने शहबाज शरीफ और उनके बयानबाजी वाले रुख को कठघरे में खड़ा कर दिया।
भारत के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को पालता-पोसता रहा है और जब भी उसे करारा जवाब मिला है तो वह खुद को पीड़ित बताने लगता है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने देश की आर्थिक और राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए बार-बार भारत का नाम घसीटता है, जबकि सच्चाई यह है कि उसकी नीतियां पूरी तरह से विफल हो चुकी हैं।
UN के मंच पर भारत ने यह भी बताया कि आतंकवाद किसी भी देश की विदेश नीति का हिस्सा नहीं हो सकता। पाकिस्तान जिस तरह से चरमपंथी संगठनों को शरण और समर्थन देता आया है, उसी का नतीजा है कि आज वह खुद भी असुरक्षा और अस्थिरता से जूझ रहा है। भारत ने साफ कहा कि पाकिस्तान यह भूल जाए कि वह भारत को आतंकवाद के जरिए दबा सकता है।
भारत के प्रतिनिधि ने शहबाज शरीफ के उस बयान पर भी कड़ा प्रहार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने दुश्मन की योजनाओं को नाकाम किया। इस पर भारत ने कहा कि अगर जले हुए हैंगर और टूटे रनवे उनके लिए जीत का प्रतीक हैं, तो उन्हें उसी में खुशी तलाशनी चाहिए। असलियत यह है कि भारत ने हमेशा आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है और इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।
इसके अलावा भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान की जमीन आज भी आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह बनी हुई है। यहां से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की साजिशें रची जाती हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ चुका है।
भारत ने दुनिया को यह भी संदेश दिया कि नई दिल्ली हमेशा शांति और विकास की बात करता है, लेकिन अगर उसकी संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती दी जाएगी तो भारत मुंहतोड़ जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। यही वजह है कि पिछले वर्षों में जब भी पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश की, उसे करारा सबक मिला।
इस पूरे भाषण ने न केवल पाकिस्तान की खोखली बयानबाजी को बेनकाब किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की गंभीर, मजबूत और जिम्मेदार छवि को भी और मजबूती दी। भारत ने दुनिया को यह बता दिया कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।



