
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक बड़ी कूटनीतिक जीत दर्ज की है। यह जीत और भी महत्वपूर्ण इसलिए मानी जा रही है क्योंकि इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी के बावजूद सदस्य देशों ने एक स्वर में आतंकवाद की निंदा की और पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहा है कि आतंकवाद किसी भी देश या समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अब SCO जैसे महत्वपूर्ण मंच पर इसे स्पष्ट समर्थन मिलना भारत की मजबूत कूटनीति का परिणाम है।
बैठक में भारत ने साफ तौर पर कहा कि सीमा पार से पनपने वाला आतंकवाद न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले ने एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर किया कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। इस हमले की SCO सदस्य देशों द्वारा एकमत से निंदा किए जाने और आतंकियों को दंडित करने पर जोर देने से भारत की स्थिति और मजबूत हुई है। पाकिस्तान की मौजूदगी में यह सहमति बनना इस बात का सबूत है कि अब दुनिया आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरी नीति अपनाने के बजाय ठोस कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
भारत ने बैठक में यह भी रेखांकित किया कि आतंकवाद का कोई धर्म या जाति नहीं होता। जो लोग निर्दोष नागरिकों, सुरक्षा बलों और तीर्थयात्रियों को निशाना बनाते हैं, वे पूरी मानवता के दुश्मन हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की नरमी दिखाना मानव सभ्यता के खिलाफ अपराध होगा। SCO सदस्य देशों ने इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब आतंकवादियों और उन्हें पनाह देने वालों को बचाना संभव नहीं होगा।
भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि SCO में चीन और पाकिस्तान जैसे देश भी शामिल हैं, जिनकी नीतियां अक्सर आतंकवाद के मुद्दे पर अलग रही हैं। इसके बावजूद इस बार सदस्य देशों ने भारत की पहल का समर्थन कर आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति का परिचय दिया। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम आतंकियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देगा और भारत की वैश्विक साख को और मजबूत करेगा।
निष्कर्षतः, SCO बैठक में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और आतंकियों को सजा दिलाने की आवश्यकता पर सहमति भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। इससे न केवल आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मोर्चा मजबूत होगा बल्कि यह भी साबित हुआ कि भारत की आवाज अब दुनिया में और बुलंद हो रही है।



