शास्त्री जी की जयंती पर केशव मौर्य की श्रद्धांजलि, आत्मनिर्भर भारत का संदेश

भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को देश आज भी उनकी सादगी, ईमानदारी और दृढ़ नेतृत्व के लिए याद करता है। “जय जवान, जय किसान” का नारा देकर उन्होंने न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि किसानों को भी राष्ट्र निर्माण का केंद्र बना दिया। उनकी जयंती पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने देश को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट मार्ग दिखाया। मौर्य ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाला नेतृत्व देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। 1965 के भारत-पाक युद्ध के समय शास्त्री जी का साहसिक निर्णय और सेनाओं पर उनका भरोसा आज भी प्रेरणादायक है, जिसने भारत की सैन्य ताकत और आत्मविश्वास को दुनिया के सामने स्थापित किया। वहीं हरित क्रांति को प्रोत्साहन देकर उन्होंने खाद्य सुरक्षा की नींव रखी, जिससे भारत धीरे-धीरे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सका। केशव मौर्य ने कहा कि आज जब भारत आत्मनिर्भर भारत की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, तब शास्त्री जी की सोच और नीतियां और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शास्त्री जी के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की सेवा और विकास में अपना योगदान दें। शास्त्री जी का सादा जीवन, ऊंचा विचार आज के राजनेताओं और समाज दोनों के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सत्ता को कभी वैभव का साधन नहीं बनाया, बल्कि इसे सेवा का माध्यम माना। यही कारण है कि वे आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में सम्मान और श्रद्धा के साथ बसे हुए हैं। केशव मौर्य ने कहा कि ऐसे महान नेताओं की विरासत को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है, ताकि आने वाली पीढ़ियां एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार कर सकें।



