यूपी में नमामि गंगे मिशन को मिली रफ्तार: 5 से बढ़कर 50+ STP, योगी सरकार का बड़ा दावा

उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की सफाई और पुनर्जीवन के लिए चलाए जा रहे Namami Gange Programme को पिछले कुछ वर्षों में नई गति मिली है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश में केवल 5 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) ही संचालित थे, वहीं अब Yogi Adityanath के नेतृत्व में इनकी संख्या बढ़कर 50 से अधिक हो गई है।
गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई Namami Gange Programme केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। उत्तर प्रदेश, जहां गंगा का लंबा हिस्सा बहता है, इस मिशन का सबसे अहम केंद्र रहा है। यहां बड़ी मात्रा में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट गंगा में गिरता था, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा था।
राज्य सरकार का दावा है कि STP की संख्या में यह बढ़ोतरी गंगा की सफाई में मील का पत्थर साबित हो रही है। ये प्लांट शहरों से निकलने वाले गंदे पानी को ट्रीट करके साफ पानी को ही नदी में छोड़ते हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर काफी हद तक कम हुआ है। इसके अलावा, कई नए प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम चल रहा है, ताकि भविष्य में गंगा में गंदगी का प्रवाह और कम किया जा सके।
Yogi Adityanath सरकार ने गंगा किनारे बसे शहरों में सीवर नेटवर्क को भी मजबूत किया है। पहले जहां कई इलाकों में सीवर लाइन ही नहीं थी, अब वहां आधुनिक व्यवस्था विकसित की गई है। इससे न केवल गंगा की सफाई में मदद मिल रही है, बल्कि शहरों की स्वच्छता भी बेहतर हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल STP की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सही संचालन और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है। सरकार ने इस दिशा में भी कदम उठाए हैं और कई जगहों पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इन प्लांट्स का संचालन किया जा रहा है।
इसके अलावा, लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि गंगा में कचरा या पूजा सामग्री न डाली जाए। गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जनभागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में Namami Gange Programme के तहत हुए विकास कार्य यह दिखाते हैं कि सही योजना और प्रभावी क्रियान्वयन से बड़े बदलाव संभव हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये प्रयास गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में कितना स्थायी असर डालते हैं।



