
गाजा में लगातार जारी संघर्ष और तबाही के बीच इजरायल की नीतियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच एक इजरायली डिफेंस एक्सपर्ट का बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीख लेनी चाहिए। विशेषज्ञ का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गाजा युद्ध ने न केवल इजरायल की सुरक्षा चुनौतियों को गहरा किया है, बल्कि उसकी वैश्विक छवि को भी प्रभावित किया है।
विशेषज्ञ का मानना है कि पीएम मोदी ने जिस तरह आतंकवाद और सीमाई चुनौतियों से निपटने के लिए सख्त लेकिन संतुलित नीति अपनाई है, वह काबिले-तारीफ है। भारत ने अपने पड़ोसियों की चुनौतियों का सामना करते हुए कभी भी आतंकवाद के खिलाफ नरमी नहीं दिखाई। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या बालाकोट एयरस्ट्राइक, मोदी सरकार ने यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। इसके अलावा, मोदी की कूटनीति ने भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है, जहां एक ओर उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ संबंध मजबूत किए, वहीं दूसरी ओर रूस, मध्य एशिया और अरब देशों के साथ भी संतुलन बनाए रखा।
गाजा संघर्ष में जहां इजरायल को अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर हमेशा स्पष्ट रुख अपनाया है। भारत ने यह संदेश दिया है कि निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाए बिना आतंकवाद का सफाया किया जा सकता है। विशेषज्ञ का कहना है कि नेतन्याहू को भी इसी तरह की नीति अपनानी चाहिए, जिसमें सुरक्षा और मानवीय दृष्टिकोण का संतुलन बना रहे।
इजरायली डिफेंस एक्सपर्ट ने विशेष तौर पर मोदी की रणनीतिक सोच की प्रशंसा की। उनका कहना था कि मोदी ने भारत की विदेश नीति को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाया है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ नेतृत्व किस तरह किसी देश की दिशा बदल सकता है। इजरायल को भी अब ऐसी नीतियों की जरूरत है, जो सिर्फ सैन्य कार्रवाई तक सीमित न हों बल्कि वैश्विक समर्थन हासिल करने में मदद करें।
गौरतलब है कि गाजा युद्ध ने इजरायल को भीतर और बाहर से भारी दबाव में ला खड़ा किया है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू को आक्रामकता और कूटनीति दोनों का सही मिश्रण तैयार करना होगा। भारत का उदाहरण उनके सामने है, जहां मजबूत नेतृत्व और संतुलित विदेश नीति ने देश को एक नई दिशा दी है।
कुल मिलाकर, इजरायली विशेषज्ञ का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि दुनिया आज भारत के मॉडल को गंभीरता से देख रही है। नेतन्याहू यदि मोदी के नेतृत्व और नीतियों से प्रेरणा लेते हैं, तो इजरायल अपनी सुरक्षा और वैश्विक छवि दोनों को मजबूत कर सकता है।



