योगी सरकार की नई नियमावली: लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में CM फेलोज को मिलेगा वेटेज

योगी आदित्यनाथ सरकार ने युवाओं के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए नई नियमावली जारी की है, जिसके तहत लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CM Fellowship) से जुड़े अभ्यर्थियों को विशेष ‘वेटेज’ दिया जाएगा। इस फैसले को प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि जो युवा मुख्यमंत्री फेलोशिप के माध्यम से शासन-प्रशासन के कामकाज को नजदीक से समझते हैं, उन्हें उनकी व्यावहारिक समझ और अनुभव का लाभ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मिल सके। सरकार का मानना है कि फेलोशिप के दौरान युवाओं को विभिन्न विभागों, योजनाओं और जमीनी समस्याओं पर काम करने का अवसर मिलता है, जिससे उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण मजबूत होता है। ऐसे में लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में उन्हें अतिरिक्त अंक या वेटेज देना योग्यता आधारित और व्यावहारिक निर्णय है। नई नियमावली के अनुसार वेटेज का स्वरूप परीक्षा के चरणों और चयन प्रक्रिया के अनुरूप तय किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांत से कोई समझौता न हो। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वेटेज सामान्य अभ्यर्थियों के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि केवल फेलोशिप से अर्जित अनुभव को मान्यता देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से प्रतिभाशाली युवाओं का रुझान मुख्यमंत्री फेलोशिप जैसी योजनाओं की ओर बढ़ेगा और शासन को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा। साथ ही, यह व्यवस्था प्रशासनिक सेवाओं में ऐसे अधिकारियों के चयन में मददगार होगी, जिन्हें पहले से सरकारी कामकाज की समझ है। विपक्ष जहां इसे कुछ हद तक विवादास्पद बता रहा है, वहीं सरकार का तर्क है कि यह निर्णय पूरी तरह नियमों के दायरे में और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। कुल मिलाकर, योगी सरकार की यह नई नियमावली उत्तर प्रदेश की भर्ती प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है, जो अनुभव, दक्षता और योग्यता के संतुलन को मजबूत करती है और राज्य में सुशासन की दिशा में एक और कदम साबित हो सकती है।



