
भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता अब दुनिया भर में अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत विकसित की गई स्वदेशी मिसाइल प्रणाली ‘आकाश’ (Akash Missile System) अब ब्राजील की सुरक्षा का हिस्सा बनने जा रही है। भारत और ब्राजील के बीच इस रक्षा सौदे को लेकर उच्च स्तर पर बातचीत जारी है, और माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। अगर यह डील होती है, तो यह भारत की रक्षा निर्यात क्षमताओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
‘आकाश’ मिसाइल प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। यह एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface to Air Missile) है, जो 25 किलोमीटर तक की दूरी पर दुश्मन के हवाई जहाजों, ड्रोन और मिसाइलों को आसानी से निशाना बना सकती है। भारतीय सेना और वायुसेना में पहले से ही इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। इसकी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिससे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिली है।
ब्राजील ने भारत की इस तकनीक में गहरी दिलचस्पी दिखाई है क्योंकि यह न केवल प्रभावी है बल्कि लागत के लिहाज से भी किफायती है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील से दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इसके साथ ही भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक विश्वसनीय निर्यातक के रूप में पहचान मिलेगी।
यह सौदा भारत के बढ़ते रक्षा उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। हाल के वर्षों में भारत ने फिलीपींस, वियतनाम, इंडोनेशिया और अफ्रीका के कई देशों के साथ भी रक्षा सहयोग को लेकर कदम बढ़ाए हैं। आकाश मिसाइल डील इस दिशा में एक बड़ा कदम होगी, जो न केवल भारत की तकनीकी श्रेष्ठता को उजागर करेगी, बल्कि “वोकल फॉर लोकल” के नारे को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगी। अब वाकई विदेशों में बजेगा स्वदेशी का डंका।



