मोदी सरकार का हर निर्णय संविधान की भावना के अनुरूप: पंकज चौधरी

मोदी सरकार के प्रत्येक निर्णय और नीतिगत कदम भारत के संविधान के पूर्णतः अनुकूल हैं। यह बात केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने एक हालिया बयान में स्पष्ट रूप से कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों और कानून के शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार की हर योजना और सुधार का उद्देश्य देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है, जो संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
पंकज चौधरी ने कहा कि बीते वर्षों में सरकार ने आर्थिक सुधारों से लेकर सामाजिक कल्याण योजनाओं तक, हर क्षेत्र में संतुलित और संविधान सम्मत दृष्टिकोण अपनाया है। चाहे वह गरीबों के लिए आवास योजना हो, किसानों के हित में उठाए गए कदम हों या फिर महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने की योजनाएं—सभी का आधार संविधान ही रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने संघीय ढांचे का सम्मान करते हुए राज्यों के साथ मिलकर विकास की दिशा में काम किया है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों के सरकार पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। पंकज चौधरी के अनुसार, मोदी सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और गरिमा को बनाए रखने का कार्य किया है। न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने न केवल आर्थिक विकास को गति दी है, बल्कि नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक भी बनाया है। पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने तकनीक का व्यापक उपयोग किया, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी और शासन प्रणाली मजबूत हुई।
अंत में पंकज चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार संविधान को केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा मानती है। आने वाले समय में भी सरकार संविधान के दायरे में रहकर देश को विकास, समृद्धि और सामाजिक समरसता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।



