
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हालिया कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया का भारत पर भरोसा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि अब भारत को कोई नहीं रोक सकता। पीएम मोदी ने अपने भाषण में साफ संकेत दिए कि भारत वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयों को छू रहा है और आने वाले समय में यह दुनिया के लिए मार्गदर्शक शक्ति बनने जा रहा है। उनके वक्तव्य को अमेरिकी राजनीति और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि मोदी ने अपने अंदाज में यह संदेश दिया कि भारत अब किसी भी विदेशी दबाव या सीमाओं में बंधने वाला नहीं है।
मोदी ने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और इसमें न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक संस्थाएं भी भारत की प्रगति को सराह रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पीएम मोदी ने बताया कि “मेड इन इंडिया” से लेकर “मेड फॉर द वर्ल्ड” तक का सफर भारत तेजी से तय कर रहा है और यह इस बात का प्रमाण है कि दुनिया अब भारत को केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय साझेदार मानती है।
अपने संबोधन में मोदी ने युवाओं की शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी नवाचार, शोध और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसरों का निर्माण कर रही है और यही भारत को आने वाले दशक में वैश्विक महाशक्ति बनाएगी। उन्होंने कहा कि आज स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियान भारत की नई पहचान बन चुके हैं, जिससे पूरी दुनिया प्रेरणा ले रही है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष और आलोचकों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि भारत को रोकने की कोशिशें कई बार हुईं, लेकिन हर बार देश और अधिक मजबूती के साथ उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत की विदेश नीति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है।
पीएम मोदी का यह भाषण न केवल भारतवासियों में आत्मविश्वास जगाने वाला था, बल्कि यह दुनिया को भी यह संदेश देने वाला था कि भारत अब आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी राष्ट्र है। भारत की आवाज़ अब वैश्विक मंचों पर गूंजती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी भारत के दृष्टिकोण को गंभीरता से सुनता है। मोदी ने अंत में कहा कि भारत अब पीछे मुड़कर देखने वाला देश नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी का नेतृत्व करने के लिए तैयार है।



