बिना भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंच रही हैं योजनाओं का लाभ : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आज उत्तर प्रदेश में हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है। राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की रोशनी समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और उसे भी सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश में योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले वर्षों में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं या फिर कुछ चुनिंदा लोगों तक ही उनका फायदा पहुंच पाता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने तकनीक का उपयोग करके योजनाओं को पारदर्शी बनाया है। चाहे प्रधानमंत्री आवास योजना हो, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, किसान सम्मान निधि, फ्री राशन या फिर पेंशन योजना—हर जगह लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से किया गया है। इस वजह से अब किसी गरीब, किसान, महिला या युवा को योजनाओं का लाभ पाने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते।
योगी सरकार ने कहा कि प्रदेश में विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जाति, धर्म और क्षेत्र देखकर नहीं दिया जाता, बल्कि केवल पात्रता और योग्यता के आधार पर ही हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाता है। यही वजह है कि आज गरीब परिवारों को आवास मिल रहे हैं, महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिल रहे हैं, किसानों के खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं और लाखों युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने ई-गवर्नेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाकर भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया है। आज प्रत्येक नागरिक अपनी पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर रहा है। इससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का सीधा लाभ नहीं मिलेगा, तब तक विकास अधूरा रहेगा। इसलिए सरकार हर स्तर पर यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश तेजी से बदल रहा है और गरीब, किसान, मजदूर, युवा तथा महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर हैं।
सीएम योगी ने कहा कि जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि आज राज्य की पहचान एक सक्षम, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील प्रदेश के रूप में हो रही है। योजनाओं का यह निष्पक्ष और बिना भेदभाव का लाभ उत्तर प्रदेश को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहा है।



