
दीवाली के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को एक विशेष संदेश देते हुए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा, “गर्व से कहो यह स्वदेशी है,” और भारतीय जनता से आग्रह किया कि इस दीपावली पर जितना संभव हो, स्थानीय और भारतीय उत्पादों का ही प्रयोग करें। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि स्वदेशी उत्पाद न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि भारतीय युवाओं और कारीगरों को भी रोजगार और अवसर प्रदान करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर घर में दीवाली की रौनक स्वदेशी उत्पादों से और भी बढ़ सकती है। चाहे वह मिठाई हो, दीया, सजावट का सामान, या उपहार, यदि हम भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तो देश के छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी जोर दिया कि स्वदेशी वस्तुएँ इस्तेमाल करने का मतलब सिर्फ खरीददारी नहीं, बल्कि देशभक्ति और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना है।
मोदी ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि दीवाली के अवसर पर उपहारों में भारतीय हस्तशिल्प और कारीगरी को बढ़ावा दें। इससे न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि देश के ग्रामीण और शहरी कारीगरों को भी अपने हुनर को निखारने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से भारतीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीएम मोदी की यह अपील इस संदेश के साथ आई कि भारत में बने उत्पादों को अपनाना केवल आर्थिक दृष्टिकोण से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गर्व का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक इस दीवाली स्वदेशी उत्पादों को अपनाएगा, तो यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सामर्थ्य और गर्व की भावना को मजबूत करेगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की अपील ने देशवासियों में स्वदेशी अपनाने की जागरूकता पैदा की। उन्होंने दीवाली को केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि देशभक्ति और आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक के रूप में मनाने का संदेश भी दिया। इस तरह, पीएम मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के महत्व को उजागर करते हुए, सभी नागरिकों से देश के लिए एक सकारात्मक कदम उठाने की प्रेरणा दी।



