
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक विशेष अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया, जो भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध से संबंधित है। पीएम मोदी ने बताया कि भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित विमानवाहक पोत INS विक्रांत ने उस समय पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी। उन्होंने इस कहानी को सुनाते हुए बताया कि कैसे INS विक्रांत की भूमिका युद्ध में निर्णायक साबित हुई और भारतीय सशस्त्र बलों की रणनीति को सशक्त बनाया।
INS विक्रांत को युद्ध के दौरान समुद्र में तैनात किया गया था और इसके विमान से किए गए हमलों ने पाकिस्तान की समुद्री और तटीय सुरक्षा को पूरी तरह प्रभावित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उस समय भारतीय नौसेना के अधिकारियों और जवानों ने अदम्य साहस और रणनीतिक सूझ-बूझ का परिचय दिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत किये गए यह अभियान पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हुआ, जिससे उनका मनोबल गिरा और वे रणनीतिक रूप से असहज स्थिति में आ गए।
पीएम मोदी ने यह भी बताया कि युद्ध के दौरान INS विक्रांत के पायलट और क्रू ने अपने कर्तव्यों को बेहद निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। उनकी सटीक योजना और साहसिक निर्णयों ने युद्ध के परिणामों को सीधे प्रभावित किया। प्रधानमंत्री ने यह किस्सा साझा करते हुए भारतीय नौसेना की बहादुरी और युद्ध कौशल की तारीफ की।
यह कहानी सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारतीय नौसेना के साहस, देशभक्ति और रणनीति का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि INS विक्रांत और उसके क्रू के कार्यों ने यह साबित किया कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी चुनौती का मुकाबला करने में सक्षम हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने न केवल युद्ध के परिणाम को बदल दिया, बल्कि यह भविष्य के लिए एक प्रेरणा भी बन गई।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की बातों ने सभी उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया। INS विक्रांत की वीरता और ऑपरेशन सिंदूर का साहसिक कार्य भारतीय रक्षा इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। यह कहानी देशभक्ति, साहस और रणनीति की जीवंत मिसाल है, जो आज भी भारतीय नौसेना और आम नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।



