गोरखपुर के वनटांगिया गांवों का कायाकल्प: सीएम योगी आदित्यनाथ की योजनाओं से बदला ग्रामीण जीवन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के वनटांगिया गांवों का ऐसा कायाकल्प किया है, जिसकी मिसाल अब पूरे प्रदेश में दी जा रही है। कभी उपेक्षा और अभाव का प्रतीक रहे ये गांव आज विकास की नई पहचान बन चुके हैं। पहले जिन वनटांगिया परिवारों को न तो बिजली की सुविधा थी, न सड़कें, न स्कूल, आज वही गांव सरकारी योजनाओं की रोशनी में चमक रहे हैं। सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर के इन गांवों को न केवल राजस्व ग्राम का दर्जा मिला, बल्कि यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास की सुविधाएं भी तेजी से पहुंचाई गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के वनटांगिया समाज के लोगों के लिए कई योजनाओं को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्के मकान मिले, वहीं हर घर नल योजना से शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई। इसके अलावा ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों का जाल बिछा दिया गया, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी सुधरी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।
वनटांगिया गांवों में आज बच्चों के लिए स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाएं उपलब्ध हैं। महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। गांवों में सोलर लाइट, स्वच्छ शौचालय और डिजिटल सेवाओं ने इन बस्तियों का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वयं कई बार इन गांवों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की और ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वनटांगिया समाज अब उत्तर प्रदेश के विकास की मुख्यधारा में जुड़ चुका है। उनके अनुसार, यह सिर्फ विकास नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना का प्रतीक है।
आज गोरखपुर के वनटांगिया गांव न केवल आत्मनिर्भर बन चुके हैं, बल्कि यह परिवर्तन योगी सरकार की संवेदनशील नीतियों और प्रतिबद्ध प्रशासनिक प्रयासों का जीवंत उदाहरण हैं। गांवों में उजाला, शिक्षा और सम्मान की नई किरण ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समर्पण और इच्छाशक्ति से असंभव भी संभव हो सकता है।



