यूपी में बनेगी डिजिटल कृषि नीति | किसानों को मिलेगी फसल, मौसम और बाजार की रियल टाइम जानकारी

उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार अब “डिजिटल कृषि नीति” तैयार करने जा रही है, जिसके तहत किसानों को फसल, मौसम, मिट्टी की स्थिति और बाजार भाव जैसी सभी जरूरी जानकारियां रियल टाइम (Real Time) में मिल सकेंगी। इस नीति का उद्देश्य किसानों को सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है ताकि वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकें।
राज्य सरकार के अनुसार, इस डिजिटल कृषि नीति के माध्यम से एक “सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म” तैयार किया जाएगा जिसमें खेती से जुड़ी सभी सूचनाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इस प्लेटफॉर्म पर किसानों को फसल की किस्म, बीज की गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था, उर्वरक की मात्रा और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही मौसम पूर्वानुमान और बाजार भाव की लगातार अपडेट होती जानकारी किसानों को स्मार्ट निर्णय लेने में मदद करेगी।
नीति के अंतर्गत ड्रोन, जीआईएस तकनीक, सैटेलाइट इमेजिंग और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाएगा, ताकि खेतों की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके और प्राकृतिक आपदाओं या कीट हमलों से पहले ही किसानों को सतर्क किया जा सके। इसके अलावा सरकार किसानों की भूमि रिकॉर्ड और फसल उत्पादन डेटा को भी डिजिटल रूप में सुरक्षित करेगी, जिससे पारदर्शिता और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस नीति को किसानों की जरूरतों के अनुरूप और सरल बनाया जाए ताकि गांव-गांव तक इसका लाभ पहुंचे। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल कृषि नीति से प्रदेश में स्मार्ट फार्मिंग का नया युग शुरू होगा। यह कदम न केवल उत्पादकता बढ़ाएगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में युवाओं को भी आकर्षित करेगा।
डिजिटल कृषि नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जो पूरी तरह तकनीक आधारित कृषि प्रबंधन प्रणाली पर काम करेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।



