
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक कार्यक्रम में कहा कि संघ किसी का विरोधी नहीं है और उसे किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य केवल समाज और राष्ट्र की सेवा करना है, न कि किसी दल या व्यक्ति के खिलाफ खड़ा होना। उनके अनुसार, संघ की कार्यप्रणाली और विचारधारा सेवा, एकता और राष्ट्रहित पर आधारित है। यही कारण है कि संघ किसी के विरोध में काम करने के बजाय समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता है।
होसबाले ने कहा कि समय-समय पर लोग संघ पर तरह-तरह के आरोप लगाते हैं, लेकिन संघ का काम ही उसका सबसे बड़ा उत्तर है। समाज में शिक्षा, सेवा, संस्कार और जागरूकता फैलाने का जो काम संघ वर्षों से करता आ रहा है, वही उसकी पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ को अपने अस्तित्व या योगदान को साबित करने के लिए किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े ऐतिहासिक महत्व के डाक टिकट और सिक्के का विमोचन किया। यह कदम न केवल संघ के योगदान को मान्यता देने वाला है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक एकजुटता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि संघ ने राष्ट्र निर्माण में कई दशकों से महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डाक टिकट और स्मारक सिक्के के जारी होने से आने वाली पीढ़ियों को संघ के कार्यों और इसके मूल्यों की जानकारी मिलेगी। यह इतिहास और संस्कृति को जोड़ने वाला कदम माना जा रहा है।
होसबाले के बयान और पीएम मोदी के इस कदम ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि संघ का काम केवल संगठन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र और समाज के उत्थान में उसका योगदान ऐतिहासिक है।
👉 इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल संघ की विचारधारा और कार्यशैली पर नई रोशनी डालता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि सेवा और संस्कार ही संघ की वास्तविक पहचान है।



