
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने महान स्वतंत्रता सेनानी Vinayak Damodar Savarkar को देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। गडकरी ने कहा कि सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे एक प्रखर विचारक, लेखक और समाज सुधारक भी थे। उनका पूरा जीवन देश की आजादी और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित रहा।
नितिन गडकरी ने कहा कि सावरकर ने भारत की स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने युवाओं से सावरकर के विचारों और उनके त्याग से सीख लेने की अपील की। गडकरी के अनुसार, सावरकर का जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि व्यक्ति में देश के प्रति समर्पण और दृढ़ संकल्प हो तो वह किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना कर सकता है।
सावरकर को ‘वीर सावरकर’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। अंग्रेजों ने उन्हें कठोर सजा देते हुए कुख्यात Cellular Jail में कई वर्षों तक कैद रखा। इसके बावजूद सावरकर का मनोबल कभी नहीं टूटा और उन्होंने जेल में रहते हुए भी लेखन और विचारों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया।
गडकरी ने कहा कि सावरकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि देश के लिए त्याग और समर्पण ही सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी आवाज उठाई और समाज में समानता और एकता का संदेश दिया। सावरकर का मानना था कि एक मजबूत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में सावरकर के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। देश के विकास और एकता के लिए उनके आदर्शों को अपनाना बेहद जरूरी है। गडकरी ने कहा कि सावरकर का योगदान भारतीय इतिहास में हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा। उनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।



