
कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने त्रिपुरा में घोषणा की कि ‘वीबी-जी राम जी’ योजना के तहत आने वाले वर्षों में कुल 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना कृषि, ग्रामीण विकास, सिंचाई, ग्रामीण उद्योग और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम माना जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों और ग्रामीण समाज के लिए जीवन में बदलाव लाने वाली साबित होगी।
‘वीबी-जी राम जी’ योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और किसानों की आय दोगुनी करना है। इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधा, फसल बीमा और बाजार तक आसान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। योजना का बड़ा हिस्सा ग्रामीण उद्योग और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने में भी लगाया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि योजना में निवेश का एक बड़ा हिस्सा अनुसंधान और कृषि नवाचार पर खर्च किया जाएगा। इसका मकसद कृषि उत्पादकता बढ़ाना और देश के खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है। इसके अलावा, योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे आधुनिक कृषि उपकरण और तकनीक का लाभ उठा सकें।
त्रिपुरा में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन के हर पहलू में सुधार लाने का प्रयास है। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और हरित ऊर्जा जैसी पहलें भी इस योजना के अंतर्गत आएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी और प्रभावी तरीके से किया जाएगा, ताकि हर किसान और ग्रामीण इसका वास्तविक लाभ उठा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘वीबी-जी राम जी’ योजना का यह विशाल बजट न केवल कृषि क्षेत्र को सशक्त करेगा, बल्कि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में भी मदद करेगा। अगर योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में किसानों की जीवन गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ देश की आर्थिक वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान देखने को मिलेगा।



