
यूरोप इन दिनों भीषण आंधी-तूफान और भारी बारिश की चपेट में है, जिसकी वजह से कई देशों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पुर्तगाल और ब्रिटेन में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां लगातार हो रही बारिश ने भीषण बाढ़ का रूप ले लिया है। दोनों देशों की सरकारों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राहत-बचाव टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। तूफानी हवाओं, भारी वर्षा और नदी-तालाबों के उफान से पूरे क्षेत्र में व्यापक नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।
पुर्तगाल में तूफान के चलते कई शहरों में सड़कें नदी में बदल गई हैं। जलभराव के कारण सैकड़ों वाहन पानी में डूब गए और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए ऊंची जगहों पर जाना पड़ा। पुर्तगाल के मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने स्कूल बंद करने और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को मेंटेन करने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।
ब्रिटेन में भी हालात कम गंभीर नहीं हैं। तेज़ हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जीवन को ठप कर दिया है। रेलवे लाइनों पर पानी भर जाने से ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ से खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। ब्रिटिश सरकार ने लोगों को घरों से बाहर निकलने में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
यूरोप के अन्य देशों—स्पेन, फ्रांस और जर्मनी—में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप में ऐसे चरम मौसमी हालात बढ़ रहे हैं। तेज़ हवाएं, भारी बारिश और असामान्य तूफान अब पहले की तुलना में अधिक बार देखने को मिल रहे हैं, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और जनजीवन पर बड़ा असर पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, यूरोप इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुर्तगाल और ब्रिटेन में बाढ़ और तूफान से हुए नुकसान की भरपाई में समय लग सकता है, लेकिन प्रशासन लगातार हालात को नियंत्रित करने में जुटा है।



