
हाल ही में एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि भारत के 100 से अधिक शहरों में तापमान पिछले सालों की तुलना में काफी बढ़ गया है। इसमें मथुरा, मुजफ्फरनगर, जालंधर जैसे शहरों का नाम सामने आया है, जहां पर मौसम सामान्य से कहीं अधिक गर्म रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे पहला और मुख्य कारण है जलवायु परिवर्तन, जो वैश्विक स्तर पर तापमान बढ़ने का प्रमुख कारण बन रहा है। इसके अलावा शहरीकरण, निर्माण कार्य और औद्योगिकीकरण ने भी शहरों में हीट आइलैंड इफेक्ट पैदा कर दिया है, जिससे तापमान और अधिक बढ़ जाता है।
स्टडी के अनुसार, इन शहरों में औसत तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। यह सिर्फ गर्मी ही नहीं बढ़ा रहा, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कार्डियक समस्याओं के मामले बढ़ते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर शहरी क्षेत्रों में हरियाली नहीं बढ़ाई गई और ऊर्जा खपत पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो आने वाले वर्षों में तापमान और अधिक बढ़ सकता है।
सरकारी एजेंसियों और नगर निगमों को चाहिए कि वे शहरों में पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाएं, कूलिंग पार्क और वाटर बॉडीज विकसित करें और हीट वेव अलर्ट सिस्टम को मजबूत करें। आम नागरिक भी गर्मी से बचाव के लिए घर के भीतर ठंडी जगह पर रहने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने जैसे उपाय कर सकते हैं। इस स्टडी से यह साफ हो गया है कि देश के अधिकतर शहर अब केवल मौसम की बदलती प्रवृत्ति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव गतिविधियों के कारण पैदा हुई गर्मी की चुनौती का भी सामना कर रहे हैं।



