UP International Trade Show 2025: सीएम योगी ने की तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश

उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में नोएडा में आयोजित होने वाले “यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025” की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीएम योगी ने कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा, प्रदर्शनी स्थल की सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक प्रतिनिधियों के स्वागत से जुड़ी व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली।
सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इस भव्य आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ट्रेड शो में आने वाले देशी-विदेशी निवेशकों और प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह आयोजन न केवल यूपी की औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, कृषि उत्पादों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी वैश्विक मंच पर पहचान दिलाएगा।
इस शो में एमएसएमई, हैंडीक्राफ्ट, कृषि उत्पाद, टेक्सटाइल, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों यूनिट्स भाग लेंगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। यह आयोजन राज्य के उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलेगा और विदेशी निवेशकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का मंच उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ट्रेड शो स्थल पर साफ-सफाई, परिवहन व्यवस्था, सुरक्षा और हेल्थ सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यूपी आने वाले विदेशी मेहमानों को ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से सम्मान दिया जाए और उन्हें उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति व विरासत से भी परिचित कराया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति की नई राह खोलेगा। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों को बाजार मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और राज्य की ब्रांडिंग में भी इस आयोजन की अहम भूमिका होगी।
यूपी सरकार का यह प्रयास उत्तर प्रदेश को भारत का “ग्रोथ इंजन” बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजन राज्य को निवेश का हब बनाएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया” और “लोकल टू ग्लोबल” के विजन को भी नई ऊर्जा देंगे।



