UPPCL स्मार्ट मीटर अपडेट: 80% उपभोक्ताओं का बैलेंस निगेटिव, ऐप डाउनलोड अभियान तेज

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटरों को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में लगे लगभग 80 प्रतिशत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का बैलेंस इस समय निगेटिव चल रहा है। यह स्थिति न केवल उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। स्मार्ट मीटर का उद्देश्य पारदर्शिता, सटीक बिलिंग और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना था, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अपेक्षित परिणाम पूरी तरह सामने नहीं आ पा रहे हैं।
UPPCL अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और प्रीपेड सिस्टम की सही जानकारी नहीं है। कई उपभोक्ता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि बैलेंस खत्म होने पर रिचार्ज कराना जरूरी है, जिस कारण उनका अकाउंट निगेटिव में चला जा रहा है। इसी समस्या को देखते हुए अब UPPCL ने एक व्यापक अभियान चलाने का फैसला लिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को स्मार्ट ऐप डाउनलोड कराने और उसके उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं को बताया जाएगा कि स्मार्ट ऐप के जरिए वे अपने बिजली उपभोग, रियल टाइम बैलेंस, रिचार्ज हिस्ट्री और अलर्ट जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। ऐप डाउनलोड करने से उपभोक्ताओं को समय रहते बैलेंस खत्म होने की जानकारी मिल जाएगी, जिससे निगेटिव बैलेंस की समस्या से बचा जा सकेगा। साथ ही, इससे बिजली कटौती और अतिरिक्त पेनाल्टी जैसी परेशानियों में भी कमी आएगी।
UPPCL का मानना है कि जैसे-जैसे उपभोक्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे, वैसे-वैसे बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया और अधिक सरल व पारदर्शी होगी। स्मार्ट मीटर और ऐप का सही इस्तेमाल न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को भी राजस्व सुधार में मदद मिलेगी। आने वाले समय में यह अभियान शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा, ताकि हर वर्ग तक स्मार्ट मीटर की सही जानकारी पहुंच सके और बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।



