यूपी के 18 जिलों में ‘वामा स्वावलंबन’ केंद्र शुरू, पुलिस परिवारों को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का मौका

उत्तर प्रदेश में पुलिस परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य के 18 जिलों में ‘वामा स्वावलंबन’ केंद्रों की शुरुआत की गई है, जिनका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के परिजनों, विशेषकर महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। ड्यूटी की कठिन परिस्थितियों के कारण अक्सर पुलिसकर्मियों के परिवारों को अतिरिक्त सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में यह पहल न केवल आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी। इन केंद्रों पर सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटी कल्चर, कंप्यूटर प्रशिक्षण, फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और अन्य रोजगारपरक कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षित अभ्यर्थी स्वरोजगार शुरू कर सकें या कहीं नौकरी पा सकें।
सरकार की मंशा है कि पुलिस परिवार सिर्फ वेतन पर निर्भर न रहें, बल्कि उनके पास आय के वैकल्पिक साधन भी हों। ‘वामा स्वावलंबन’ योजना के तहत प्रशिक्षण के साथ-साथ उत्पादों की मार्केटिंग, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव और बैंकिंग सहायता की जानकारी भी दी जाएगी। इससे प्रशिक्षण लेने वालों को अपने हुनर को बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। कई जिलों में पुलिस लाइन या नजदीकी परिसरों में ही इन केंद्रों को स्थापित किया गया है, जिससे परिवारों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
इस पहल का एक सामाजिक पहलू भी है। पुलिसकर्मी अक्सर लंबे समय तक घर से दूर रहते हैं, ऐसे में परिवार के सदस्यों के पास खाली समय और सीमित अवसर होते हैं। कौशल विकास प्रशिक्षण उन्हें रचनात्मक दिशा देगा। महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगी और परिवार की आय में योगदान दे पाएंगी। युवाओं के लिए कंप्यूटर और डिजिटल स्किल्स भविष्य के रोजगार के दरवाजे खोल सकते हैं।
‘वामा स्वावलंबन’ केंद्रों के जरिए सरकार पुलिस परिवारों के मनोबल को भी मजबूत करना चाहती है। जब परिवार सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करेगा, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी अधिक समर्पण के साथ काम कर पाएंगे। आने वाले समय में इस योजना को अन्य जिलों तक विस्तार देने की भी तैयारी है। यह पहल आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर बढ़ता एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



