योगी सरकार का ज्ञान भारतम् मिशन — कानपुर की प्राचीन पांडुलिपियाँ होंगी डिजिटल

उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में शुरू किया गया ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ अब कानपुर के प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस पहल के तहत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा, ताकि सदियों से संचित भारत के ज्ञान, संस्कृति और दर्शन संबंधी ग्रंथों को भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित और सुलभ बनाया जा सके।
यह मिशन केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई पहल है, जिसका लक्ष्य भारतीय बुद्धिमत्ता की विशाल विरासत को वैश्विक मंच पर लाना है।
कानपुर सहित राज्य के अलग‑अलग जिलों में प्राचीन ग्रंथों, हस्तलिखित पांडुलिपियों और दुर्लभ दस्तावेजों का सर्वे किया जाएगा, और उन्हें डिजिटल डेटाबेस में सुरक्षित किया जाएगा, ताकि शोधकर्ता, विद्यार्थी और दुनिया भर के ज्ञान‑प्रेमी इन तक आसानी से पहुँच सकें।
यह पहल भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने, उसकी वैश्विक पहचान बढ़ाने और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



