Protein Rich Seeds: चिकन-पनीर नहीं, ये 5 बीज हैं प्रोटीन का खजाना

जब भी प्रोटीन की बात होती है तो चिकन, अंडे, दूध और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन शाकाहारी डाइट में भी ऐसे कई विकल्प हैं जिनसे प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं। इनमें अलग-अलग तरह के बीज भी शामिल हैं।
बीज आकार में छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इनमें प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट, फाइबर, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सलाद, दही, ओट्स, स्मूदी या नाश्ते में शामिल करना आसान होता है।
कद्दू के बीज
कद्दू के बीज यानी Pumpkin Seeds प्रोटीन के साथ मैग्नीशियम, जिंक और फॉस्फोरस जैसे पोषक तत्वों के लिए जाने जाते हैं। इन्हें हल्का रोस्ट करके स्नैक के रूप में खाया जा सकता है या सलाद और ओट्स में मिलाया जा सकता है।
कद्दू के बीज में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों के रखरखाव और शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों में योगदान कर सकता है। हालांकि इन्हें अकेले प्रोटीन की पूरी जरूरत पूरी करने वाला भोजन नहीं समझना चाहिए।
चिया सीड्स
चिया सीड्स में प्रोटीन के अलावा फाइबर और ALA यानी एक प्रकार का ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। इनमें कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स भी मौजूद होते हैं। इन्हें दही, ओट्स या स्मूदी में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
हेम्प सीड्स
हेम्प सीड्स को Plant-Based Diet में प्रोटीन के स्रोत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इनमें प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट भी मिलता है। इन्हें सलाद, स्मूदी या अन्य व्यंजनों में थोड़ी मात्रा में मिलाकर डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
अलसी के बीज
अलसी यानी Flax Seeds में प्रोटीन के साथ फाइबर और ALA ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। साबुत अलसी के बजाय पिसी हुई अलसी को ओट्स, दही या स्मूदी में मिलाना एक आसान तरीका हो सकता है।
सफेद तिल
सफेद तिल भारतीय खानपान में पहले से इस्तेमाल होता आया है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। इन्हें चटनी, सब्जी, सलाद या तिल के लड्डू जैसे व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है।
इन बीजों की खासियत सिर्फ प्रोटीन तक सीमित नहीं है। ICMR-NIN की Dietary Guidelines में Nuts, Oil Seeds, Oils and Fats को अलग खाद्य समूह के तौर पर शामिल किया गया है। संतुलित भोजन के लिए कई अलग-अलग खाद्य समूहों से पर्याप्त मात्रा में भोजन लेने की सलाह दी गई है।
हालांकि यह मान लेना सही नहीं होगा कि बीज चिकन या पनीर से बेहतर प्रोटीन स्रोत हैं। बीज पोषण बढ़ाने का अच्छा तरीका हो सकते हैं, लेकिन शरीर की कुल प्रोटीन जरूरत उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग होती है। इसलिए डाइट में दाल, दूध या दही, सोया और अन्य प्रोटीन स्रोतों के साथ बीजों को शामिल करना बेहतर है।
बीजों का सेवन करते समय मात्रा का भी ध्यान रखें, क्योंकि इनमें हेल्दी फैट के साथ कैलोरी भी काफी हो सकती है। इन्हें मुट्ठी भर खाने के बजाय संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाना बेहतर रहता है। अगर किसी व्यक्ति को किसी बीज से एलर्जी है तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।
कुल मिलाकर, कद्दू के बीज, चिया, हेम्प, अलसी और सफेद तिल शाकाहारी डाइट में पोषण और प्रोटीन बढ़ाने के उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। इन्हें संतुलित आहार के साथ शामिल करने से डाइट में प्रोटीन, फाइबर और जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की विविधता बढ़ाई जा सकती है।



