चोट लगते ही नील पड़ना? जानें Vitamin K की कमी के संकेत

चोट लगने पर त्वचा के नीचे छोटी रक्त वाहिकाओं से खून आसपास के ऊतकों में जमा हो सकता है, जिससे नीला या बैंगनी निशान दिखाई देता है। आमतौर पर छोटे-मोटे नील कुछ समय में खुद ठीक हो जाते हैं।
अगर हल्की चोट पर भी बहुत ज्यादा नील पड़ने लगे या बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार निशान दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विटामिन K की कमी में रक्त के सामान्य रूप से जमने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे आसानी से चोट लगने और रक्तस्राव की समस्या हो सकती है।
विटामिन K शरीर में रक्त के थक्के बनाने वाले जरूरी प्रोटीन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसकी गंभीर कमी होने पर मसूड़ों या नाक से खून आना और चोट या कट लगने पर लंबे समय तक रक्तस्राव जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
डाइट में विटामिन K बढ़ाने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, ब्रोकली और पत्तागोभी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। अंडे की जर्दी और कुछ डेयरी खाद्य पदार्थ भी विटामिन K के स्रोत हो सकते हैं।
हालांकि बार-बार नील पड़ना हमेशा विटामिन K की कमी के कारण नहीं होता। कुछ दवाएं, रक्त संबंधी समस्याएं, लिवर की बीमारी और उम्र के साथ त्वचा व रक्त वाहिकाओं में होने वाले बदलाव भी इसकी वजह हो सकते हैं।
अगर नील लगातार बढ़ रहे हैं, बिना चोट के बन रहे हैं या उनके साथ नाक-मसूड़ों से खून आने जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक जांच के जरिए वास्तविक कारण पता कर सकते हैं। विटामिन K सप्लीमेंट बिना चिकित्सकीय सलाह के शुरू नहीं करना चाहिए।



