ज्वार-बाजरे की रोटी और बेसन का स्वाद, जानिए महाराष्ट्र के सुपरफूड ‘पिठला-भाकरी’ की खासियत

महाराष्ट्र की पारंपरिक खाद्य संस्कृति में Pithla-Bhakri का विशेष स्थान है। यह साधारण सामग्री से बनने वाला व्यंजन स्वाद, पोषण और स्थानीय परंपराओं का अनूठा संगम माना जाता है। पिठला बेसन से तैयार की जाने वाली मसालेदार डिश है, जबकि भाकरी ज्वार या बाजरे के आटे से बनाई जाने वाली रोटी होती है।
पिठला-भाकरी को सुपरफूड कहने के पीछे इसके पोषण गुण हैं। ज्वार और बाजरा फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। वहीं बेसन प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इन दोनों का संयोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है।
ग्रामीण महाराष्ट्र में यह भोजन किसानों और मेहनतकश लोगों का पसंदीदा आहार रहा है, क्योंकि यह पौष्टिक होने के साथ किफायती भी है। आज स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण शहरी क्षेत्रों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। ग्लूटेन-फ्री विकल्प के रूप में ज्वार और बाजरे की भाकरी को विशेष महत्व दिया जाता है।
पिठला बनाने के लिए बेसन, लहसुन, हरी मिर्च, हल्दी और मसालों का उपयोग किया जाता है। इसे गाढ़े या पतले रूप में तैयार किया जा सकता है। वहीं भाकरी को पारंपरिक तरीके से हाथ से थपथपाकर तवे पर सेंका जाता है। इसके साथ कच्चा प्याज, हरी मिर्च, लहसुन की चटनी और छाछ परोसी जाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोटे अनाजों और प्रोटीन से भरपूर यह पारंपरिक भोजन आधुनिक जीवनशैली में भी बेहद उपयोगी है। यही कारण है कि पिठला-भाकरी को महाराष्ट्र की विरासत के साथ-साथ एक पौष्टिक और संतुलित सुपरफूड के रूप में भी पहचान मिल रही है।



