
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में एक बार फिर देश और दुनिया से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस बार उनका फोकस वैश्विक हालात पर रहा, खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को लेकर उन्होंने गहरी चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान समय बेहद चुनौतीपूर्ण है और दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समय में शांति, संवाद और संयम ही सबसे बड़ा समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, बल्कि इससे केवल विनाश, अस्थिरता और मानवीय संकट पैदा होते हैं। प्रधानमंत्री ने भारत की विदेश नीति का जिक्र करते हुए बताया कि भारत हमेशा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना में विश्वास करता है और वैश्विक शांति तथा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर अफवाहों से दूर रहें और केवल विश्वसनीय जानकारी पर ही भरोसा करें। पीएम मोदी ने कहा कि भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की वकालत करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे सकारात्मक सोच अपनाएं और देश के विकास में योगदान दें, क्योंकि वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत और आत्मनिर्भर भारत ही दुनिया को नई दिशा दे सकता है। इस दौरान उन्होंने देशवासियों की एकजुटता, धैर्य और जागरूकता की सराहना भी की। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल अंतरराष्ट्रीय हालात पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और संतुलित भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।



