प्राइवेट अस्पतालों में C-Section बढ़ा, J&K में 90% तक सिजेरियन डिलीवरी

भारत में निजी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी (C-section) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में लगभग 90% और तेलंगाना में करीब 84% डिलीवरी सिजेरियन के माध्यम से हो रही हैं, जो सामान्य प्रसव दर की तुलना में काफी अधिक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति केवल चिकित्सीय जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई मामलों में इसे सुविधा, समय प्रबंधन और आर्थिक कारणों से भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अनावश्यक C-section मां और बच्चे दोनों के लिए लंबे समय में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सिजेरियन डिलीवरी की आदर्श दर 10% से 15% के बीच मानी जाती है, जबकि कई राज्यों में यह दर इससे कई गुना अधिक है। यह स्थिति भारत की मातृ स्वास्थ्य प्रणाली में संतुलन की आवश्यकता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को सही जानकारी, नियमित जांच और डॉक्टर से परामर्श के आधार पर ही प्रसव का निर्णय लेना चाहिए, ताकि मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



