
Maharashtra सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इस नए नियम के बाद राज्य में काम करने वाले सभी ड्राइवरों को मराठी भाषा की बुनियादी जानकारी रखना जरूरी होगा।
Maharashtra Transport Minister ने इस फैसले पर कहा कि यह कदम न केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए है, बल्कि इससे स्थानीय भाषा और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे चालकों को भाषा सीखने का अवसर मिलेगा।
सरकार का मानना है कि स्थानीय यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संवाद बेहतर होने से सेवा में सुधार आएगा और गलतफहमी की स्थिति कम होगी।
हालांकि, इस फैसले को लेकर कुछ लोगों के बीच चर्चा भी शुरू हो गई है कि बाहर से आने वाले ड्राइवरों पर इसका क्या असर पड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि उन्हें भाषा सीखने के लिए पर्याप्त समय और सुविधा दी जाएगी।
यह नियम लागू होने के बाद राज्य में परिवहन व्यवस्था में एकरूपता और बेहतर संवाद की उम्मीद की जा रही है।



