Modi Doctrine: हरीश साल्वे ने बताईं PM मोदी की नीतियां, भारत को बताया स्थिरता का इंजन

दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारत की भूमिका पर चर्चा तेज है। इसी संदर्भ में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता को भारत की वैश्विक विश्वसनीयता से जोड़ा।
साल्वे के मुताबिक, विदेश नीति में भारत ने अलग-अलग देशों के साथ संबंध बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्णय लेने की कोशिश की है। रूस, अमेरिका, यूरोप और अन्य प्रमुख शक्तियों के साथ भारत के संबंधों को इसी व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालिया BRICS सम्मेलन में भी भारत ने वैश्विक संस्थानों में सुधार, आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसे मुद्दे उठाए।
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर चर्चा हुई है। हाल के वर्षों में डिजिटल बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने पर सरकार ने जोर दिया है। SEMICON India 2026 में पीएम मोदी ने भारत को भरोसेमंद सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में विकसित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर बात की।
हालांकि, ‘स्थिरता का इंजन’ और ‘मोदी डॉक्ट्रिन’ जैसे शब्द हरीश साल्वे के विश्लेषण का हिस्सा हैं। इन्हें भारत की वैश्विक स्थिति का स्वतंत्र या सर्वसम्मत मूल्यांकन नहीं माना जाना चाहिए।



