
Sonia Gandhi ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक एजेंडे में महिला आरक्षण को प्रमुखता दी जा रही है, जबकि असली और दूरगामी प्रभाव डालने वाला मुद्दा परिसीमन है। उन्होंने दावा किया कि परिसीमन की प्रक्रिया देश की राजनीतिक संरचना और संसदीय प्रतिनिधित्व को बड़े स्तर पर प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिसीमन को लेकर स्पष्टता और पारदर्शिता नहीं रखी गई, तो कई राज्यों में राजनीतिक असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। उनके अनुसार, यह मुद्दा केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि संघीय ढांचे पर भी असर डाल सकता है।
सोनिया गांधी ने केंद्र से मांग की कि परिसीमन से जुड़े सभी पहलुओं पर सभी राजनीतिक दलों के साथ विस्तृत चर्चा की जाए ताकि किसी भी राज्य या वर्ग के साथ अन्याय न हो। उनके इस बयान के बाद संसद से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल रही है और विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है।



