
Supreme Court of India ने देश के सभी हाई कोर्टों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी मामले में आदेश सुरक्षित रखने के बाद तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने न्यायिक प्रक्रिया में देरी को कम करने और मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक फैसले सुरक्षित रखने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है और पक्षकारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। इसलिए समयसीमा का पालन न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता के लिए जरूरी है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्देश से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आ सकती है और आम लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा और मजबूत होगा। यह कदम न्यायिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



