
Supreme Court of India ने PMLA मामलों को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी कार्रवाई से पहले आरोपी का पक्ष सुनना बेहद जरूरी है। अदालत की इस टिप्पणी को Enforcement Directorate के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में निष्पक्ष सुनवाई का सिद्धांत सबसे अहम है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए और आरोपी के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। कोर्ट की टिप्पणी के बाद PMLA मामलों में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर भविष्य में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच प्रक्रिया पर पड़ सकता है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे न्यायपालिका द्वारा नागरिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है, जबकि एजेंसियों का कहना है कि वे कानून के अनुसार कार्रवाई करती रहेंगी।



